Penology And Victimology Pdf In Hindi [new] -
3. मुख्य कानूनी प्रावधान (Key Legal Provisions)
यदि आप इस विषय के किसी , जेल सुधार समितियों (Prison Reform Committees) , या नए कानूनों (Criminal Laws) के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं, तो कृपया मुझे बताएं। Share public link
पीड़ित और समाज को न्याय दिलाना।
लंबे समय तक आपराधिक न्याय प्रणाली केवल अपराधी को पकड़ने और उसे दण्ड देने पर केंद्रित रही। इस प्रक्रिया में उस व्यक्ति को भुला दिया गया जिसके साथ अन्याय हुआ था— यानी 'पीड़ित'। इसी कमी को पूरा करने के लिए 'पीड़ितशास्त्र' का उदय हुआ।
महिलाओं और बच्चों के मामलों में बंद कमरे में (In-camera) परीक्षण और सुरक्षित माहौल में बयान दर्ज करने की व्यवस्था है।
: यह सबसे प्राचीन सिद्धांत है, जो 'आंख के बदले आंख' के सिद्धांत पर काम करता है। इसके अनुसार, सजा का उद्देश्य बदला या प्रतिशोध है, जहाँ अपराध की गंभीरता के अनुपात में ही दंड दिया जाना चाहिए। penology and victimology pdf in hindi
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क. प्रतिशोधात्मक सिद्धांत (Retributive Theory)
भारतीय कानून (जैसे भारतीय न्याय सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 396) के तहत पीड़ितों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
पीड़ितों को मुआवजा (Compensation) और सहायता प्रदान करने की नीतियां।
दोनों विषय एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। जहाँ दण्डशास्त्र यह सुनिश्चित करता है कि अपराधी को कानून के अनुसार सही सजा मिले, वहीं अपराधपीड़ितशास्त्र यह सुनिश्चित करता है कि उस सजा और पूरी न्यायिक प्रक्रिया के दौरान पीड़ित के घावों पर भी मरहम लगाया जा सके। एक आदर्श न्याय प्रणाली वही है जो अपराधी के सुधार (Penology) और पीड़ित के पुनर्वास (Victimology) के बीच संतुलन स्थापित करे। निष्कर्ष (Conclusion) penology and victimology pdf in hindi
दण्डशास्त्र (Penology): अर्थ और परिभाषा
यह सिद्धांत 'जैसे को तैसा' (Eye for an Eye) के नियम पर आधारित है।
क्या आपको दंडशास्त्र के पर विस्तृत नोट्स चाहिए?
अपराधी को जेल या मृत्युदण्ड देकर अपराध करने से रोकना।
दण्ड की परिभाषा और समाजशास्त्र में इसका महत्व। penology and victimology pdf in hindi
4. भारत में पीड़ित मुआवजा योजना (Victim Compensation Scheme in India)
आधुनिक न्यायशास्त्र (Restorative Justice) दोनों को मिलाकर काम करता है। इसका मानना है कि सही न्याय तभी संभव है जब अपराधी का सुधार हो और पीड़ित को उसकी क्षतिपूर्ति मिले।
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आधुनिक दण्डशास्त्र इस सिद्धांत पर सबसे अधिक जोर देता है। इसके अनुसार, अपराधी एक बीमार व्यक्ति की तरह है जिसका इलाज (पुनर्वास और शिक्षा के माध्यम से) किया जाना चाहिए ताकि वह एक अच्छा नागरिक बन सके।